आज का विचार

वह ईश्वर अकाम ( सब कामनाओं से रहित) धीर, अमृत (अमर), स्वयम्भू, स्वयं ही अपनी सत्ता से प्रकट होने वाला), रस अर्थात आनंद से सर्वथा परिपूर्ण है कही से भी न्यून (अपूर्ण) नहीं है। उस अजर अमर सदा युवा परमात्मा को जानने वाला मनुष्य मृत्यु से नहीं डरता है।

  • कार्यक्रम :- हाम्रो स्वाभिमान योग शिविर

    gallery-img3
    स्थान
    पतंजलि योगपीठ हरिद्वार

    आरंभ तिथि
    24-12-2019
    अंतिम तिथि
    26-12-2019

    समय
    5:30 प्रातः से 6:30 शाम

    सम्पर्क सूत्र